3 साल 7 महीने बाद बदला चुनावी नतीजा: हांसी में एक वोट से हारी महिला बनी विजेता, कोर्ट के आदेश पर पलटी बाजी

Election result overturned after 3 years and 7 months

Election result overturned after 3 years and 7 months

 हांसी। Election result overturned after 3 years and 7 months, चुनाव में एक वोट की कीमत अहम होती है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण हांसी के गांव पेटवाड़ में देखने को मिला। यहां पंच पद का चुनाव हार चुकी एक महिला उम्मीदवार ने हार नहीं मानी, अदालत का दरवाजा खटखटाया और साढ़े तीन साल बाद वही चुनावी नतीजा पलट गया।

गांव पेटवाड़ के वार्ड-दो में नवंबर 2022 में पंच पद का चुनाव हुआ था। मुकाबला कमलेश और ऋतु के बीच था। मतगणना के बाद कमलेश को 119 और ऋतु को 118 वोट मिले थे। सिर्फ एक वोट से ऋतु चुनाव हार गई थीं। उस समय परिणाम घोषित होने के बाद मामला शांत नहीं हुआ। ऋतु ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कोर्ट में याचिका दायर कर दी।

करीब 43 महीने तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने दोबारा मतगणना के आदेश दिए। शुक्रवार को नारनौंद के बीडीपीओ कार्यालय में कड़ी सुरक्षा के बीच मतपेटी खोली गई। अधिकारियों की मौजूदगी में जब दोबारा वोटों की गिनती शुरू हुई तो चुनावी कहानी ने नया मोड़ ले लिया।

ऋतु के वोट पहले की तरह 118 ही निकले, लेकिन कमलेश के मतों की जांच के दौरान एक बैलेट पूरी तरह खाली मिला और दूसरे पर दो बार मोहर लगी हुई थी। दोनों मत रद कर दिए गए। इसके बाद कमलेश के मत घटकर 117 रह गए और ऋतु एक वोट से आगे निकल गईं। यानी जिस एक वोट ने 2022 में उन्हें हार का दर्द दिया था, उसी एक वोट ने 2026 में उन्हें जीत की खुशी दे दी।

रिकाउंटिंग के बाद ऋतु ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार उन्हें न्याय मिला। वहीं, कमलेश ने कहा कि उस समय की मतगणना पूरी पारदर्शिता से हुई थी और अब खाली बैलेट मिलना कई सवाल खड़े करता है।

एसडीएम विकास यादव ने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार पुनर्मतगणना करवाई गई है और पूरी रिपोर्ट अदालत को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार होगी।